रायपुर। आज सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा एक अहम निर्णय लिया गया। पार्टी ने आबकारी नीति 2025 और 2026 में विदेशी मदिरा पर शुल्क को 9.5 प्रतिशत घटाने का प्रस्ताव पेश किया। इस कदम को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है और इसे भाजपा की चाल, चरित्र और चेहरे का परिचायक बताया है।
विपक्ष का आरोप है कि भाजपा इस निर्णय के माध्यम से प्रदेश में शराब की लत को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत विदेशी शराब पर शुल्क में 9.5 प्रतिशत की कमी करके सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को शराब के प्रति आकर्षित करने की कोशिश की है, जो कि सामाजिक दृष्टिकोण से हानिकारक हो सकता है।
भा.ज.पा. सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, विपक्ष ने इसे राजनीतिक लाभ और जनता को गुमराह करने की एक चाल करार दिया है।
इस निर्णय के बाद, प्रदेशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस फैसले से राज्य की जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या भाजपा इस विवाद से उबरने में सफल हो पाएगी।
