रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत 2025-26 के बजट में महिला सशक्तिकरण, गरीबों के उत्थान और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इस बजट में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (सीसीसीआई) के प्रदेश कार्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई, जिसका प्रदेश के 12 लाख व्यापारियों की ओर से हार्दिक स्वागत किया गया है।
चेंबर ने बजट को सराहा:
व्यापार और उद्योग क्षेत्र के लिए लाभकारी प्रावधानछत्तीसगढ़ चेंबर, जो देश के प्रमुख चेम्बर ऑफ कॉमर्स में से एक है, ने इस बजट का स्वागत किया है। चेंबर ने राज्य सरकार के इस कदम को व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। चेंबर के प्रदेश कार्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने से व्यापारियों के लिए सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त कार्यालय की स्थापना में मदद मिलेगी।
आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाएं:
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ई-वे बिल की सीमा में वृद्धि: राज्य सरकार ने ई-वे बिल की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है, जो व्यापारियों को लाभ पहुंचाएगी।
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लंबित मामलों में राहत: 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25,000 रुपये तक की देनदारी माफ की जाएगी, जिससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को मदद मिलेगी और 62,000 से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
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इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार: प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
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उद्योगों को सब्सिडी: उद्योगों को सब्सिडी निपटारा के लिए 1420 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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अचल संपत्ति लेन-देन पर स्टांप शुल्क में छूट: स्टांप शुल्क पर ब्म्ै हटाने का निर्णय लिया गया है।
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पेट्रोल की कीमतों में कमी: पेट्रोल पर 1 रुपये की कमी की गई है।
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युवाओं के लिए स्टार्टअप और नवाचार नीति: युवाओं के लिए विशेष स्टार्टअप और नवाचार नीति का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया है।
सारांश:
यह बजट राज्य के व्यापारिक समुदाय, उद्योगपतियों और युवाओं के लिए विकासात्मक कदम साबित होगा। रियायती दर पर भूमि की उपलब्धता से व्यापारियों के लिए एक नई उम्मीद और अवसर बनेगा। छत्तीसगढ़ चेंबर ने राज्य सरकार के इस बजट को राज्य के समग्र आर्थिक विकास और व्यापारिक क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
