रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने छत्तीसगढ़ बजट 2025-26 को “विकसित भारत की दिशा में एक सशक्त दस्तावेज” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के व्यापारिक समुदाय, स्टार्टअप्स, डैडम् और किसानों के लिए ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है।
दोशी ने बजट की प्रमुख झलकियों का जिक्र किया:
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छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स को रियायत दर पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान – यह कदम व्यापारिक समुदाय के लिए एक सकारात्मक और लाभकारी पहल है।
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लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार – प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे व्यापारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
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कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना – इस बजट में राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है, जो किसानों और उद्यमियों के लिए समान रूप से फायदेमंद होगा।
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विकसित बजट – दोशी ने इसे “विकसित बजट” करार दिया, जो राज्य के व्यापारिक समुदाय, स्टार्टअप्स और किसानों के लिए नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देने का फैसला राज्य के व्यापारिक परिदृश्य को और मजबूत करेगा।
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पार्क और फूड पार्क का निर्माण – बजट में प्ज् पार्क और फूड पार्क के निर्माण की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश में नवाचार, टेक्नोलॉजी और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
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ई-वे बिल पर दी गई छूट – दोशी ने ई-वे बिल पर दी गई छूट का स्वागत करते हुए इसे व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
जितेन्द्र दोशी ने छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस बजट को राज्य के समग्र विकास और व्यापारिक क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
