रायपुर। के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर गृह मंत्रालय से सवाल उठाया। उन्होंने राज्य में अग्निशमन सेवाओं की वर्तमान स्थिति, योजना के तहत किए गए प्रयास, आवंटित धनराशि और अग्निशमन अवसंरचना की कमियों के समाधान के बारे में जानकारी मांगी।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को 147.745 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 33.24 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में निर्धारित लक्ष्य:
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में—
✅ 12 नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना
✅ आधुनिक अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर टेंडर, हाई एक्सपेंशन फोम जनरेटर, सेमी-ऑटोमेटिक डिफाइब्रिलेटर, स्मोक एक्सट्रैक्टर आदि की खरीद
✅ अग्निशमन कर्मियों के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण
✅ राज्य के अग्निशमन सेवा मुख्यालय को मजबूत किया जाएगा।
देश में अग्निशमन सेवाओं की स्थिति:
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार—
🔹 देश में अग्निशमन केंद्रों की 97.54% कमी है।
🔹 80.04% अग्निशमन और बचाव वाहनों की कमी है।
🔹 96.28% अग्निशमन कर्मियों की आवश्यकता बनी हुई है।
योजना की निगरानी और क्रियान्वयन:
गृह मंत्रालय के अनुसार, अग्निशमन सेवाएं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, लेकिन केंद्र सरकार सलाहकार भूमिका निभा रही है। राज्यों को अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 2026 तक निर्धारित लक्ष्य पूरे करने होंगे, और इसके लिए महानिदेशक (एफएस, सीडी और एचजी) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अग्निशमन सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि राज्य में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया दी जा सके।
