
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले कांग्रेस ने उन्हें तीखा सवाल पूछा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी जी ने विधानसभा चुनाव में “मोदी की गारंटी” के नाम से छत्तीसगढ़ की जनता से कई वादे किए थे। उन्होंने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर इन वादों को पूरा किया जाएगा, लेकिन आज तक ये वादे पूरे नहीं हुए।
दीपक बैज ने यह भी सवाल किया कि अगर मोदी जी ने खुद इन वादों को अपनी गारंटी कहा था, तो क्या अब वह इन वादों को पूरा न करने पर इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेंगे?
कांग्रेस ने 2023 में मोदी की गारंटी के तहत किए गए कुछ प्रमुख वादों का हवाला देते हुए कहा कि ये वादे आज तक पूरे नहीं हो पाए:
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500 रुपए में गैस सिलेंडर: वादा था कि गरीब परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा, लेकिन अब तक एक भी महिला को यह नहीं मिला।
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मासिक ट्रेवल अलॉवंस: छात्रों को कॉलेज आने-जाने के लिए मासिक ट्रेवल अलॉवंस देने का वादा था, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ।
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CIMS और CIT निर्माण: प्रत्येक संभाग में एम्स और हर लोकसभा क्षेत्र में IIT के तर्ज पर CIMS और CIT बनाने का वादा किया गया था, जो अभी तक झूठा साबित हुआ।
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कृषि उन्नति योजना: पूरे प्रदेश में नगदी आहरण काउंटर स्थापित नहीं हुए और किसानों को तय किए गए 3100 रुपये का भुगतान कहीं नहीं किया गया।
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रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती: एक साल में 20,000 युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। इसके बजाय सरकारी नौकरियां बेची गईं।
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प्रधानमंत्री आवास: 18 लाख नए प्रधानमंत्री आवास का वादा किया गया था, लेकिन एक भी नया आवास स्वीकृत नहीं किया गया।
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तेंदूपत्ता बोनस: तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस और संग्रहण दर बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन इसे बढ़ाया नहीं गया और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महेन्द्र कर्मा बीमा सुरक्षा योजना भी बंद कर दी गई।
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दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना: इस योजना के तहत मात्र 1200 मजदूरों के खाते में ही रकम डाली गई, जबकि लाभार्थियों की संख्या 10 लाख से अधिक थी।
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आयुष्मान भारत योजना: अस्पतालों का भुगतान नहीं होने के कारण आयुष्मान से इलाज बंद है।
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छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना: इस योजना के तहत एक साल में किसी को भी ऋण नहीं मिला।
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स्टेट कैपिटल रीजन (SCR): यह सिर्फ एक वादा साबित हुआ, इसके लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई।
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इनोवेशन हब: इस वादे के बारे में कुछ नहीं हुआ, इनोवेशन हब को लेकर कोई चर्चा भी नहीं की गई।
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रानी दुर्गावती योजना: बालिकाओं के जन्म पर 1,50,000 रुपये का प्रमाण पत्र देने का वादा किया गया था, लेकिन यह योजना भी भूल गई।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोग: भ्रष्टाचार के विरोध में आयोग गठित करने और शिकायत निवारण प्रणाली बनाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें से कोई भी कार्यवाही नहीं हुई।
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इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ सम्मेलन: एक भी सम्मेलन आयोजित नहीं किया गया, जबकि इसका वादा किया गया था।
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सरकार तुंहर दुवार: बेरोजगार युवकों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन यह भी पूरा नहीं हुआ।
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शक्ति-पीठ परियोजना: धर्म के नाम पर छत्तीसगढ़ में शक्ति-पीठ परियोजना बनाने का वादा किया गया था, लेकिन यह भी सिर्फ एक जुमला साबित हुआ।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से सवाल किया है कि इन वादों को पूरा न करने पर वे नैतिक जिम्मेदारी कब लेंगे?
