
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में लगातार हो रही जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में आक्रोशित जनता सड़कों पर उतर आई। हादसों से नाराज लोगों ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में तेलीबांधा चौक पर चक्का जाम कर शासन-प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
क्यों हुआ प्रदर्शन?
इस विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में आज सुबह एक युवती की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इससे पहले भी तेलीबांधा एक्सप्रेसवे पुल, अग्रसेन सालासार चौक और अन्य स्थानों पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उपाध्याय ने कहा, “ट्रिपल इंजन की सरकार मूकदर्शक बनी हुई है और जनता की मौत का तमाशा देख रही है।”
चौंकाने वाले आंकड़े:
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि साल 2024 में छत्तीसगढ़ में 14,853 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 6,752 लोगों की मौत और 12,573 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि साल 2025 में भी यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
उपाध्याय का तीखा हमला:
विकास उपाध्याय ने कहा:”यदि पुलिस चालानी कार्रवाई छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था और स्पीड कंट्रोल पर ध्यान दे, तो इन हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।”
“खरोरा की हालिया दुर्घटना भी पुलिस की लापरवाही का नतीजा थी, जहाँ नियमविरुद्ध बनी गाड़ी कई थानों से होकर निकली लेकिन किसी की नज़र नहीं पड़ी।”
प्रदर्शन की प्रमुख मांगें:
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तेलीबांधा चौक पर मानक मापदंड के अनुसार स्पीड ब्रेकर निर्माण
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गाड़ियों की स्पीड पर सख्त नियंत्रण
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स्थायी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
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संपूर्ण क्षेत्र में CCTV निगरानी और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग:
विकास उपाध्याय के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिनमें गिरेवाल मैडम, अजय सिंह, मनोज परासर, गोपाल उगरा, शुभांकर शर्मा, पिंकी बाग, शिवा खंडेलवाल, भूपेन्द्र साहू भूप्पी, हरमन दीप सिंह, आदर्श राव, तनिष्क मिश्रा, परवीन खोखर समेत 50 से अधिक लोग मौजूद रहे।
