Monday, April 6, 2026
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छत्तीसगढ़ के जुड़वां शिशुओं को किम्स कडल्स में मिला नया जीवन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में समय से पहले जन्मे दो जुड़वां शिशुओं ने मौत को मात देकर नया जीवन पाया है। जन्म के समय दोनों का वजन केवल 1.4 और 1.5 किलोग्राम था और गंभीर संक्रमणों के कारण उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। ऐसे में उन्हें एयर एम्बुलेंस के ज़रिए तेलुगु राज्यों के इतिहास में पहली बार किम्स कडल्स हॉस्पिटल, कोंडापुर (हैदराबाद) लाया गया।

कठिन रास्ता, लेकिन उम्मीद ज़िंदा रही

डॉ. अपर्णा सी, क्लिनिकल डायरेक्टर और प्रमुख नियोनेटोलॉजिस्ट, ने बताया कि एक बच्चे को फंगल और ड्रग-रेजिस्टेंट बैक्टीरियल संक्रमण (क्लेब्सिएला) था, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेल्योर हो गया था। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट, ब्लड प्रेशर मेंटेन करने वाली दवाइयाँ, और कई बार प्लेटलेट्स और ब्लड चढ़ाना पड़ा। दूसरे शिशु को फंगल सेप्सिस था और उसे सीपीएपी ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।

एक महीने की जद्दोजहद के बाद मिली जीत

लगभग एक महीने की गहन चिकित्सा देखभाल के बाद दोनों बच्चे पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। उनका वजन अब लगभग 2 किलोग्राम है, वे स्तनपान कर रहे हैं, और सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण सामान्य पाए गए हैं – जिसमें रेटिना स्क्रीनिंग, श्रवण परीक्षण और मस्तिष्क स्कैन शामिल हैं।

संकट में टीमवर्क बना सहारा

इस सफल इलाज में डॉ. राजशेखर (ICATT), डॉ. वामसी, डॉ. अरविंद, डॉ. प्रणीता, नर्स सुनीता और उनकी टीम ने दिन-रात मेहनत की। डॉ. अपर्णा ने NICU स्टाफ, नर्सों, डॉक्टरों, तकनीकी विशेषज्ञों, ड्राइवरों और हाउसकीपिंग कर्मियों की भूमिका की सराहना की।

उन्नत उपचार प्रणाली की जीत

हालाँकि ऐसे एयर ट्रांसफर की लागत अधिक होती है और यह सभी के लिए संभव नहीं, लेकिन यह घटना यह दर्शाती है कि आधुनिक चिकित्सा, समर्पित देखभाल और समय पर लिए गए निर्णय जीवन बचा सकते हैं। अब दोनों नवजात स्वस्थ होकर अपने गृह राज्य वापस भेज दिए गए हैं।

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