रायपुर। (छत्तीसगढ़) रायपुर और दुर्ग के बीच स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे “अवैध वसूली का अड्डा” करार देते हुए टोल को तत्काल बंद करने की मांग की है।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे, वरिष्ठ नेता पंकज शर्मा और कन्हैया अग्रवाल ने आज संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि इस टोल की वैधता समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद पिछले 20-25 वर्षों से अवैध वसूली की जा रही है।
एनएच-53 पर नियमों का उल्लंघन
कुल 54 किमी के दायरे में तीन टोल प्लाजा – मंदिरहसौद, कुम्हारी और दुर्ग – चल रहे हैं, जबकि NHAI के नियमों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किमी की दूरी अनिवार्य है। कुम्हारी टोल इसकी स्पष्ट अवहेलना है।
जनता को भुगतना पड़ रहा खामियाज़ा
स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और फालतू शुल्क से रोज़ जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि फास्टैग कैमरे के माध्यम से स्थानीय वाहनों से भी मनमाने शुल्क वसूले जा रहे हैं, जबकि उन्हें छूट मिलनी चाहिए।
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने केंद्र सरकार और NHAI से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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कुम्हारी टोल प्लाजा को तत्काल बंद किया जाए।
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अवैध वसूली की उच्च स्तरीय जांच हो।
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वैकल्पिक मार्ग और यातायात समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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फास्टैग वसूली की रकम कंपनी से वापस ली जाए।
राजनीतिक आरोप
कांग्रेस ने कहा कि यह अवैध वसूली “भ्रष्टाचार को केंद्र की मौन स्वीकृति” जैसा प्रतीत होता है और इसमें छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक “मोटा माल” जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
NHAI नियमों की धज्जियां
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Concession Period समाप्त होने के बावजूद वसूली
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Public Funded Projects में नियमों का उल्लंघन
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स्थानीय जनता से अनुचित वसूली
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रेट लिस्ट का अभाव और मनमानी दरें
पूर्व में भी हुआ विरोध सफल
कांग्रेस ने याद दिलाया कि उनके विरोध के चलते ही रायपुर के सुंदरनगर में भाजपा शासनकाल में प्रस्तावित एक टोल प्लाजा रद्द किया गया था।
