रायपुर। पुण्यश्लोका महारानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी रायपुर शहर जिला द्वारा शनिवार शाम एकात्म परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही रायपुर शहर के सभी 20 मंडल अध्यक्षों को भी शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नेता
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने की और मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विधायक, आयोग अध्यक्ष, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किरण सिंह देव ने कहा – सनातन धर्म की रक्षक थीं महारानी अहिल्या बाई
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने अपने संबोधन में कहा, “महारानी अहिल्या बाई होलकर ने न केवल सामाजिक सुधारों में, बल्कि सनातन धर्म के प्रतीकों की पुनर्स्थापना में भी ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके जीवन से हमें प्रशासन, न्याय और जनकल्याण की प्रेरणा मिलती है।”
उन्होंने आगे कहा कि उनके कार्यकाल में नारीशक्ति, सामाजिक न्याय और धर्म-संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। यही कारण है कि वे आज भी भारत की सांस्कृतिक चेतना में जीवित हैं।
रमेश ठाकुर बोले – यह केवल कार्यक्रम नहीं, पुण्य स्मरण है
भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा, “यह कार्यक्रम केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक और धार्मिक विभूतियों के पुण्य स्मरण का एक माध्यम है। अहिल्या बाई होलकर का जीवन सामाजिक न्याय और धर्म-संरक्षण का प्रतीक है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है।”
सम्मानित हुईं सामाजिक महिलाएं
इस मौके पर रायपुर शहर की प्रमुख सामाजिक महिलाओं जैसे –
रेणुका पुराणिक, रानू धनगर, मीना निषाद, भारती उपाध्याय, माधुरी कर, तापसी दत्ता, सुशीला साहू, डिंपल शर्मा, बिंदिया नाग, हेमलता मिश्रा, कांति जैन लूनिया, सुमिता साहू और डॉ. सुमन मित्तल को सम्मानित किया गया।
उपस्थित रहे ये विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम में सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, संजय श्रीवास्तव, राजीव अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, किशोर महानंद, अमरजीत छाबड़ा समेत भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संस्कृति और नारी सम्मान का संगम
चित्रकला, रंगोली, कार्यशाला जैसे आयोजनों की श्रृंखला के अंतर्गत यह कार्यक्रम नारीशक्ति के योगदान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के सम्मान को समर्पित रहा।
