Sharad Purnima के उपलक्ष पर महेश महिला संगठन( अंतर्गत महेश सभा )ने भगवान कृष्ण और उनके भक्तो पर सांस्कतिक कार्यक्रम “भक्त वत्सल भगवान “रखा ।इसमे बताया कि भक्त अपने भगवान के वश मे नही होते बल्कि भगवान अपने भक्तो के वश मे होते है।भक्त अपने त्याग से ,प्रेम से,समर्पन से और हठ से कैसे अपने भगवान को वश मे करते है।
इसको दिखाने के लिए इस कड़ी मे “करमा बाई “किस तरह अपने भगवान खो खिचड़ा का भोग खाने को मजबूर कर देती है ।
मीरा का अनूठा प्रेम जिसमे राणा जी ने जब विष का प्याला पीने बोले तो ,मीरा कैसे भगवान का नाम लेके पी लेती है तब भगवान को उन्हे बचाने आना ही पड़ता है।
“नानी बाई का मायरा ” जिसमे कैसे भगवान को रुक्मणी जी ओर सत्यभामा जी व पुरे परिवार के साथ आना पड़ता है
और अंत मे “महारास ” हुआ जिसमे भगवान कृष्ण राधा जी और गोपियो संग रास रचाते है
इस कार्यक्रम को दिव्या राठी ,मन्जु सोमानी ,मन्जु चान्डक,डिम्पल सारडा,शानू लखोटिया ने अध्यक्ष पूजा करवा , एवम संगठन सचिव पिंकी झंवर सहित 30 सहभागियो के सहयोग से संपन हुआ।
महेश महिला संगठन की पुरी टीम व महेश सभा के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान “महेश”की पूजा से हुई

