रायपुर। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए बर्बर आतंकी हमले का जवाब भारत ने निर्णायक अंदाज़ में दे दिया है। भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक और घातक हमले किए।
हमले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर हमला किया था, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई थी। खासकर महिलाओं को सिंदूर के आधार पर निशाना बनाया गया, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तब चेतावनी दी थी – “इस बार जवाब सर्जिकल नहीं, निर्णायक होगा।”
ऑपरेशन सिंदूर: सटीक और घातक हमला
रात के अंधेरे में चलाए गए इस गुप्त ऑपरेशन में शामिल थे:
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हाई-प्रिसिशन ड्रोन अटैक
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल
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विशेष बलों की गुप्त तैनाती
टारगेट किए गए स्थानों में:
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मुजफ्फराबाद
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कोटली
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बालाकोट
सेना सूत्रों के मुताबिक, आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।
सेना का सख्त संदेश
सेना ने अपने बयान में कहा:
“यह सिर्फ जवाब नहीं, यह संदेश है – भारत की महिलाओं के सिंदूर पर हाथ डालने की कीमत सरहद पार चुकानी होगी।”
रक्षा विश्लेषक इसे 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक से भी आगे का कदम मान रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
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अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंप दी है।
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सूत्रों के अनुसार, यदि पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है, तो भारत अगला कदम और कड़े स्तर पर उठाने को तैयार है।
निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक चेतावनी, एक नीति बदलाव और भारत के राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब हर हमले का जवाब सीमा पार, निर्णायक अंदाज़ में दिया जाएगा।
