
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच आज तीनों सेनाओं के महानिदेशक सैन्य संचालन (DGMO) एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस प्रेस वार्ता में दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम, सीजफायर समझौते की स्थिति और भारतीय सेना की तैयारियों पर अहम जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
इससे पहले आज तीनों सेना प्रमुख – थलसेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही देर बाद भारत और पाकिस्तान के DGMOs के बीच सीजफायर को लेकर औपचारिक वार्ता भी प्रस्तावित है।
22 अप्रैल का पहलगाम आतंकी हमला: तनाव की जड़
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों पर मढ़ी गई, जिसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक जवाबी कार्रवाई की।
नूर खान एयरबेस पर मिसाइल हमला: युद्ध के मुहाने पर पाकिस्तान
ऑपरेशन सिंदूर का सबसे निर्णायक और चौंकाने वाला मोड़ 10 मई को आया, जब भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के समीप नूर खान एयरबेस पर मिसाइल हमला किया। यह हमला पाकिस्तान के परमाणु कमांड और नियंत्रण केंद्र के बेहद निकट था, जिससे पाकिस्तान की सैन्य और रणनीतिक संरचना को भारी नुकसान हुआ।
सूत्रों के अनुसार, इसी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से सीजफायर की पेशकश की गई, क्योंकि नूर खान एयरबेस पर हुए हमले ने न केवल उनके सैन्य तंत्र को झकझोर दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दबाव बढ़ा दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से मिल सकते हैं अहम संकेत
आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (थलसेना), एयर मार्शल ए.के. भारती (वायुसेना), और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद (नौसेना) भारत की सैन्य स्थिति, रणनीतिक निर्णयों और सीमा की ताजा स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा कर सकते हैं। यह प्रेस वार्ता न केवल भारत की स्थिति स्पष्ट करेगी, बल्कि पाकिस्तान की ओर से आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी संकेत दे सकती है।
