देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने AJIO और Myntra द्वारा तुर्की ब्रांड्स की बिक्री पर रोक लगाने के निर्णय को देशहित में उठाया गया एक साहसिक और स्वागत योग्य कदम बताया है।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि,”AJIO और Myntra का यह कदम ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना को दर्शाता है। यह एक ऐसा वक्त है जब भारत को वैश्विक मंच पर अपने विरोधियों के खिलाफ एकजुटता और मजबूती दिखाने की आवश्यकता है।”
तुर्की के खिलाफ आर्थिक विरोध जरूरी पारवानी
अमर पारवानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि,”जब तुर्की खुलकर पाकिस्तान और भारत विरोधी एजेंडे का समर्थन कर रहा है, ऐसे में भारतीय कंपनियों द्वारा उसके आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाना देशभक्ति और व्यावसायिक विवेक का सटीक उदाहरण है।”
उन्होंने इसे ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि भावना का सच्चा पालन बताया और कहा कि अब अन्य कंपनियों को भी यह रास्ता अपनाना चाहिए।
अन्य कंपनियों और सरकार से भी की अपील
कैट ने सभी ई-कॉमर्स, रिटेल और FMCG कंपनियों से अपील की है कि वे भी तुर्की, अज़रबैजान और पाकिस्तान जैसे राष्ट्र-विरोधी देशों के उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाएं।”व्यापार सिर्फ मुनाफे का माध्यम नहीं है, यह राष्ट्र की अखंडता और सम्मान से जुड़ा दायित्व भी है,” पारवानी ने कहा।
उन्होंने भारत सरकार से भी अनुरोध किया कि वह विदेश नीति के अनुरूप इन देशों से आयात पर प्रतिबंध या नियंत्रण की रणनीति बनाए।
AJIO और Myntra की मिसाल — एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण
पारवानी ने अंत में कहा:”AJIO और Myntra ने एक नई मिसाल कायम की है। यह केवल एक कॉरपोरेट निर्णय नहीं, बल्कि एक राष्ट्रवादी व्यावसायिक पहल है जिसे देश के अन्य ब्रांड्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को भी अपनाना चाहिए।”
