छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की सड़क और हवाई यातायात से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
सड़क कनेक्टिविटी को लेकर प्रमुख मांगें
अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क को सशक्त करने और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं:
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एनएच-53 (रायपुर रिंग रोड-1) के टाटीबंध से तेलीबांधा तक सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर किया जाए।
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एनएच-30 (शदाणी दरबार) और एक्सप्रेसवे जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।
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एनएच-30 (कमल विहार जंक्शन) पर भी ग्रेड सेपरेटर की आवश्यकता।
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भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे पर अभनपुर-राजिम-गरियाबंद क्रॉसिंग में इंटरचेंज सुविधा की स्थापना।
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रायपुर-दुर्ग एनएच-53 मुख्य मार्ग एवं सर्विस रोड का नवीनीकरण।
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रायपुर रेलवे स्टेशन से एनएच-30 जंक्शन तक बने एक्सप्रेसवे को NHAI को हस्तांतरित किया जाए।
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समृद्धि एक्सप्रेसवे को रायपुर तक विस्तार देने की मांग, जो नागपुर-गोंदिया-बिरसी एयरपोर्ट को जोड़ेगा।
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रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे पर भूमि अधिग्रहण मुआवजे का शीघ्र समाधान।
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एनएच-200 (सिमगा-बिलासपुर मार्ग) पर लिमतरा बायपास के लिए सर्विस रोड निर्माण।
अग्रवाल ने कहा कि राजधानी रायपुर में यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है और इन परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति से स्थिति में बड़ा सुधार आएगा।
हवाई कनेक्टिविटी को लेकर की गई मांगें
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री से हुई मुलाकात में अग्रवाल ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात रखी। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं:
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कस्टम, इमिग्रेशन ऑफिस, और कार्गो हब की स्थापना
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नाइट पार्किंग सुविधा की शुरुआत
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यात्री सुविधाओं का विस्तार और पार्किंग शुल्क में पारदर्शिता
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जगदलपुर और बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं का विस्तार और नाइट लैंडिंग सुविधा उपलब्ध कराना
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एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए रूट्स और उड़ानों की शुरुआत का प्रस्ताव
सांसद का वक्तव्य
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ की सड़क और हवाई कनेक्टिविटी सशक्त होगी तो यहां निवेश, पर्यटन और रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यह आधारभूत ढांचा अत्यंत आवश्यक है।”
