रायपुर, छत्तीसगढ़। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ में कुम्हारी टोल प्लाजा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के 10 सांसदों को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की है। उपाध्याय ने पत्र में कहा है कि टोल प्लाजा का टेंडर समाप्त हो चुका है, फिर भी अवैध रूप से टोल वसूली जारी है, जो स्थानीय जनता के आर्थिक शोषण का स्पष्ट उदाहरण है।
कुम्हारी टोल प्लाजा: तथ्य और विवाद
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स्थान: राष्ट्रीय राजमार्ग 06 (एनएच-6), रायपुर और दुर्ग के बीच
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टोल शुरू: जून 2006
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वसूली अवधि समाप्त: नियमानुसार 2 मार्च 2015
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कंसेशन के तहत वसूली: 2015 से 16 अगस्त 2020 तक
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वर्तमान स्थिति: टेंडर समाप्त होने के बावजूद अवैध वसूली जारी
उपाध्याय के पत्र के मुख्य बिंदु:
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नियमविरुद्ध वसूली: टोल की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी नियमों का उल्लंघन कर वसूली की जा रही है।
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जनता पर आर्थिक बोझ: यह अवैध वसूली स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों के लिए अन्यायपूर्ण बोझ है।
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प्रशासनिक उदासीनता: अनेक शिकायतों और पत्र व्यवहार के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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राजनीतिक भ्रम: सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा टोल बंद होने की घोषणा को झूठा और भ्रामक बताया गया।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पुराने बयान का हवाला: जिसमें उन्होंने कहा था कि “बहुत जल्द संपूर्ण भारत में टोल नाके बंद किए जाएंगे।”
सांसदों से की गई मांग:
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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर टोल को बंद कराने की पहल करें।
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स्थायी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में ऐसी अव्यवस्थाएं न हो।
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वसूली में संलिप्त एजेंसी या व्यक्तियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
विकास उपाध्याय का बयान:“छत्तीसगढ़ की लगभग आधी आबादी इस टोल प्लाजा से प्रभावित होती है। कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है, प्रदर्शन कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही। अब जनता के हित में बीजेपी सांसदों को सामने आकर इसे बंद कराना चाहिए।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आरोप:
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विकास उपाध्याय ने बृजमोहन अग्रवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने 18 दिसंबर 2024 को टोल बंद होने का झूठा ऐलान किया।
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उपाध्याय का कहना है कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन करती रही है, लेकिन केंद्र सरकार मौन है।
