रायपुर। 25 मई को आयोजित होने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रायपुर कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की। बैठक में केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने बताया कि परीक्षार्थी केवल काले रंग की बॉल पाइंट पेन से ही उत्तर पुस्तिका भर सकेंगे। काले जेल पेन या अन्य किसी भी रंग की पेन का प्रयोग वर्जित है। परीक्षा दो पालियों में होगी—प्रथम पाली सुबह 9 बजे और द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से। निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए परीक्षार्थियों को कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
केंद्र पर इन वस्तुओं की अनुमति नहीं:
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मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस
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बैग, पर्स, डिजिटल घड़ी, किताबें या नोट्स
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कोई भी संचार यंत्र
परीक्षा केंद्र में केवल पारदर्शी बोतल में पानी, ई-एडमिट कार्ड (प्रिंट में), वैध फोटो आईडी, पेन व पेंसिल, और आवश्यक तस्वीरें ही ले जाने की अनुमति होगी।
डॉ. सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र की 500 मीटर की परिधि में ध्वनि प्रदूषण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जैमर की व्यवस्था, दो-दो पर्यवेक्षकों की उपस्थिति, और मेटल डिटेक्टर व फ्रिस्किंग जैसी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
विशेष निर्देश:
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एडमिट कार्ड मोबाइल पर दिखाना मान्य नहीं होगा।
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वाशरूम का उपयोग एक समय में दो परीक्षार्थियों से अधिक को नहीं करने दिया जाएगा।
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अंतिम 30 मिनट में वाशरूम अनुमति नहीं दी जाएगी।
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पर्यवेक्षक व केंद्राध्यक्ष मोबाइल ऐप पर सतर्कता से जानकारी अपलोड करें।
28 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा
रायपुर जिले के कुल 28 परीक्षा केंद्रों में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सुरक्षा एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक केंद्र में पांच पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी रखेगी।
डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि UPSC परीक्षा की प्रतिष्ठा और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
