रायपुर। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और औद्योगिक सततता को बढ़ावा देने के लिए एनएसपीसीएल भिलाई और रायपुर नगर निगम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के अंतर्गत एनएसपीसीएल, चंदनडीह स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से प्रति दिन 18 मिलियन लीटर उपचारित जल का औद्योगिक उपयोग करेगा।
इस समझौते पर शनिवार को एनएसपीसीएल के भिलाई कार्यालय में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त विनोद पांडे, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन के सहायक अभियंता योगेश कडु, एनएसपीसीएल के बिजनेस यूनिट हेड नील कुमार शर्मा और जीएम आलोक सिंह उपस्थित रहे।
इस परियोजना को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन, रायपुर की महापौर मीनल चौबे के निर्देशों और निगम आयुक्त विश्वदीप के नेतृत्व में क्रियान्वित किया जा रहा है।
जल एवं भू-जल संवर्धन के लिए मील का पत्थर
इस एमओयू का उद्देश्य न केवल औद्योगिक जल उपयोग के लिए वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराना है, बल्कि भू-जल के अत्यधिक दोहन को भी कम करना है। अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) और पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन के अंतर्गत यह पहल एक आदर्श उदाहरण है।
जल्द ही परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसके पश्चात पाइपलाइन बिछाने का कार्य आरंभ होगा। इस पूरी प्रक्रिया का व्यय एनएसपीसीएल द्वारा वहन किया जाएगा।
एसटीपी की क्षमता और संभावनाएं
गौरतलब है कि चंदनडीह स्थित एसटीपी की कुल क्षमता 75 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। अब तक जिस जल को नालों और नदियों में बहा दिया जाता था, उसे अब वैज्ञानिक तरीके से उपचारित कर उद्योगों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। इससे न केवल नदी-नालों में प्रदूषण कम होगा, बल्कि जल का पुनर्चक्रण सुनिश्चित हो सकेगा।
संयुक्त उपक्रम से सतत विकास की दिशा में प्रयास
एनएसपीसीएल, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) का एक संयुक्त उपक्रम है, जो अपने संचालन में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। यह समझौता उनके स्थायी विकास के संकल्प को दर्शाता है।
