
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियानों को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। श्रीवास्तव ने कहा कि हाल ही में मारे गए हार्डकोर नक्सली बसव राजू की मौत पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया “शर्मनाक” है और यह दर्शाता है कि पार्टी नक्सल समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है।
“कांग्रेस को नक्सलियों की मौत से दुख क्यों?” – श्रीवास्तव का सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि झीरम घाटी हमले के दोषी बसव राजू के मारे जाने के बाद कांग्रेस नेताओं की निराशा हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस कार्रवाई पर खुश होना चाहिए था क्योंकि इसी हमले में कांग्रेस के कई शीर्ष नेता मारे गए थे, लेकिन उनके नेताओं की प्रतिक्रिया देखकर लगता है मानो नक्सली मारे नहीं, कांग्रेस के अपने लोग मारे गए हों।
“सेना और सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ने का काम कर रही कांग्रेस”
संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बार-बार सुरक्षा बलों पर संदेह जताकर उनका मनोबल गिराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने डेढ़ साल में जिस दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की है, वह कांग्रेस अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में नहीं दिखा पाई।
“बस्तर में बारूदी सुरंग की जगह अब सड़कों का जाल बिछ रहा है”
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में बस्तर बारूदी सुरंगों से दहलता था, जबकि आज भाजपा सरकार में वहां विकास और सड़कें पहुंच रही हैं। उन्होंने भूपेश सरकार को “नपुंसक” बताते हुए कहा कि वह शहीद जवानों का अंतिम संस्कार तक सुरक्षित ढंग से नहीं करा पाई, जबकि आज भाजपा सरकार ने नक्सलियों की रीढ़ तोड़ दी है।
“जनता नक्सल समर्थकों को नहीं करेगी बर्दाश्त”
श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के बयान साबित करते हैं कि वह नक्सलियों की “हमदर्द” बनी हुई है, जबकि जनता अब ऐसे लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार पर पूरा विश्वास जता रही है।
हाल ही में सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में झीरम घाटी कांड के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले नक्सली बसव राजू समेत 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार से इस ऑपरेशन पर पारदर्शिता की मांग की, जिस पर भाजपा ने राजनीतिक जवाबी हमला किया है।
नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होती जा रही है। भाजपा जहां इसे “निर्णायक कार्रवाई” बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लेकर “राजनीतिक दिखावा” बता रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में एक केंद्रीय बहस बन सकता है।
