रायपुर। आज से शुरू हुआ नौतपा—वर्ष का सबसे गर्म और प्रचंड नौ दिन का समय। यह वही समय होता है जब सूर्य की किरणें धरती पर सीधी और तीव्र पड़ती हैं, जिससे झुलसा देने वाली गर्मी का एहसास होता है।
क्या है नौतपा?
नौतपा वह अवधि होती है जब सूर्य, रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। इस वर्ष सूर्यदेव ने 25 मई की सुबह 3:27 बजे रोहिणी में प्रवेश किया है और वे 8 जून तक यहीं रहेंगे।
हालांकि नौतपा मुख्यतः 25 मई से 2 जून तक के 9 दिन माने जाते हैं, जब सूर्य की तपन चरम पर होती है।
ज्योतिषीय महत्व:
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रोहिणी नक्षत्र के स्वामी हैं शुक्र ग्रह, जो सूर्य के शत्रु ग्रह माने जाते हैं।
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जब सूर्य और शुक्र एक साथ प्रभाव डालते हैं, तो गर्मी और बढ़ जाती है।
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सूर्य इस समय पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिससे उसकी ऊष्मा सबसे तीव्र होती है।
नौतपा में क्या करें? (ज्योतिषीय उपाय)
सूर्यदेव को अर्घ्य दें:
प्रातःकाल स्नान कर तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें। यह स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें:
यह पाठ मानसिक शांति, शक्ति और आत्मबल देता है।
दान-पुण्य करें:
जरूरतमंदों को इन वस्तुओं का दान करें:
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मौसमी फल
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सत्तू
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छाता
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मटका
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सूती वस्त्र
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हाथ का पंखा
प्यासों को पानी पिलाएं:
प्याऊ लगवाना या राहगीरों को शीतल जल पिलाना महादान के समान माना गया है।
इनसे परहेज करें:
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लहसुन, बैंगन, नॉनवेज भोजन से बचें।
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अधिक से अधिक फल और जल का सेवन करें।
क्यों महत्वपूर्ण है नौतपा?
ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश शर्मा के अनुसार:”धरती इन 9 दिनों में सूर्य की ऊष्मा को अवशोषित करती है, जो आगे मानसून की नींव रखती है। यह प्राकृतिक संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
सावधानियां:
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धूप में न निकलें, विशेषकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच।
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शरीर को हाइड्रेट रखें।
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बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का विशेष ध्यान रखें।
