रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने बुधवार दोपहर विधानसभा रोड पर नाकेबंदी कर हिरण की खाल और 5 सिंग के साथ तीन तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बरामद वस्तुओं की कीमत लगभग ₹2.50 लाख आंकी गई है।
कसडोल से रायपुर तक तस्करी की साजिश
गिरफ्तार आरोपियों में तुलाराम पटेल (45) और भागीरथी पैकरा (48), दोनों कसडोल के ग्राम पीपरखेड़ी निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी आनंद श्रीवास्तव (54) रायपुर के अमलीडीह का रहने वाला है। तीनों हिरण की खाल और सिंग बेचने के इरादे से रायपुर पहुंचे थे।
गुप्त सूचना पर कार्रवाई
उड़नदस्ता प्रभारी रेंजर दीपक तिवारी को सूचना मिलने पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। पीसीसीएफ वी. निवास राव के निर्देश पर सीसीएफ राजू अगासिमनी, डीएफओ लोकनाथ पटेल, और संयुक्त डीएफओ विश्वनाथ मुखर्जी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। दो दिनों तक रेकी के बाद आरोपियों को बोलेरो वाहन सहित दबोचा गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
तलाशी में बरामद हिरण की खाल और 5 सिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें 28 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
तस्करी नेटवर्क में और लोगों की तलाश
वन विभाग को आशंका है कि यह एक संगठित तस्करी गिरोह है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
