Sunday, April 5, 2026
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नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल ने बढ़ाया हरित ऊर्जा में निवेश, एएमपीआईएन एनर्जी ट्रांज़िशन के साथ साझेदारी से मिलेगा 205,167 MWh अतिरिक्त सोलर-विंड ऊर्जा

रायपुर। नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल ने अपनी हरित ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करते हुए एएमपीआईएन एनर्जी ट्रांज़िशन के साथ एक नया समझौता किया है। इस साझेदारी के अंतर्गत, नेक्स्ट्रा को 205,167 मेगावाट घंटे (MWh) अतिरिक्त सौर और पवन ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कंपनी सालाना लगभग 1,49,156 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂e) उत्सर्जन में कटौती कर पाएगी।

इस नई साझेदारी के तहत, 125.65 मेगावॉट की सोलर-विंड हाइब्रिड एनर्जी इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए नेक्स्ट्रा को मिलेगी। इसके साथ, दोनों कंपनियों के बीच कुल ग्रीन एनर्जी सहयोग 200 मेगावॉट के पार पहुंच गया है।

नेक्स्ट्रा के सीईओ आशीष अरोड़ा ने कहा:सस्टेनेबिलिटी सिर्फ एक वादा नहीं बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी है। एएमपीआईएन के साथ हमारी यह साझेदारी न केवल भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को हरित ऊर्जा से सशक्त बनाएगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हमारा लक्ष्य है कि हम टिकाऊ और नवाचारी डेटा सेंटर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी बने रहें।

दो चरणों में होगी आपूर्ति:

  1. राजस्थान और

  2. कर्नाटक के कैप्टिव सोलर-विंड पावर प्रोजेक्ट्स से

इससे पहले एएमपीआईएन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में इन्ट्रा-स्टेट ओपन एक्सेस के ज़रिए नेक्स्ट्रा को बिजली आपूर्ति कर रहा था। अब नए समझौते में यह नेटवर्क 11 और राज्यों तक विस्तारित होगा।

एएमपीआईएन के फाउंडर और सीईओ पिनाकी भट्टाचार्य ने कहा:हमारी साझेदारी इस बात का प्रमाण है कि किस तरह राष्ट्रव्यापी उपस्थिति और सही ऊर्जा समाधान मिलाकर किसी भी ग्राहक को शत-प्रतिशत हरित ऊर्जा पर स्विच कराया जा सकता है।”

 प्रमुख प्रभाव:

  • ग्रीन कंप्यूटिंग के लिए नई क्षमता

  • आईएसटीएस ग्रीन एनर्जी से भरोसेमंद डेटा सेंटर संचालन

  • देशभर में 11 नए राज्यों में एएमपीआईएन की उपस्थिति

  • नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

नेक्स्ट्रा, जो पहले ही RE100 पहल का हिस्सा बन चुका है, भारत का पहला ऐसा डेटा सेंटर बना जिसने 100% बिजली की ज़रूरतें नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने का संकल्प लिया है।

इस साझेदारी के ज़रिए दोनों कंपनियां यह साबित कर रही हैं कि बड़े स्तर की ग्रीन एनर्जी परियोजनाएं न केवल पारिस्थितिक संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि डेटा सेंटर इंडस्ट्री के डी-कार्बनाइजेशन को भी तेजी से आगे ले जाती हैं।

 अधिक जानकारी के लिए: www.nxtra.in

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