रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया ने की। इस दौरान एनएचएम संविदा कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता
समिति ने वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (सीआर) प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अपील प्रक्रिया को स्पष्ट किया। अब मिशन संचालक द्वारा स्वीकारित पदों पर अपील का अधिकार स्वास्थ्य विभाग के भारसाधक सचिव को होगा, जबकि जिला एवं विकासखंड स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्णयों पर अपील मिशन संचालक के समक्ष की जा सकेगी। अपीलीय अधिकारी को प्रतिकूल टिप्पणी या सेवा समाप्ति संबंधी आदेशों को मान्य या अमान्य करने का अधिकार दिया गया है।
मेडिकल लीव और वेतन वृद्धि पर राहत
दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में संविदा कर्मचारियों को 30 दिन का सवैतनिक मेडिकल अवकाश देने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जुलाई 2023 की स्थिति में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 तक और 2024-25 में 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने पर समिति ने सैद्धांतिक सहमति दी। यह वृद्धि वित्त विभाग की अनुमति के बाद प्रभावी होगी।
स्थानांतरण एवं मानव संसाधन नीति में संशोधन
कार्यकारिणी समिति ने स्थानांतरण नीति और मानव संसाधन नीति में आंशिक संशोधन के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया। यह समिति अन्य विभागों की नीतियों का अध्ययन कर तर्कसंगत प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।
कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। यह सुविधा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
इन निर्णयों से छत्तीसगढ़ के एनएचएम कर्मचारियों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
