बाढ़ या भूकम्प जैसी आपदा में लोगों के बचाव और राहत शिविर तक लाने तक का होगा अभ्यास’
राज्य एवं जिला स्तर पर बाढ़ बचाव प्रशिक्षण हेतु आज 04 नवम्बर को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जा रही है। हर जिले में मॉक एक्सरसाइज में 5 परिस्थितियों का अभ्यास किया जाएगा। पहली परिस्थिति में प्रोफाइलैक्टिक इवेक्युएशन का अभ्यास होगा जिसमें बाढ़ग्रस्त गांव, मेले की भगदड़ भूकंप की सूचना जैसा ट्रिगर मिलने पर न्यूनतम 100 लोगों को उस स्थान से हटाने की प्रैक्टिस की जाएगी। दूसरा अभ्यास सर्च एण्ड रेस्क्यू का होगा। बाढ़ जैसी स्थिति में लोगों को वहां से निकालने का प्रयास किया जाएगा। तीसरी साइट स्टेजिंग एरिया में आपदा की स्थिति में बाहर से मदद के लिए आए रिस्पांडर को एकत्र करने, गाड़ियों की पार्किंग, लोगों की गैदरिंग, सैनिटेशन, हाइजीन, पेयजल, वे इन और वे आउट, आदि की व्यवस्था बताई जाएगी। चौथी साइट रिलीफ कैंप जिसमें लोगों को कुछ देर ठहराने आदि की व्यवस्था का अभ्यास होगा। पांचवी साइट में डिजास्टर की कल्पना के साथ इसमें फंसे लोगो को निकाला जाएगा। हर साइट के लिए नोडल अधिकारी का चयनित होंगे, जो उस साइट पर होने वाली प्रक्रियाओं को कोऑडिनेट करेंगे। जिले के इओसी केन्द्र से इन नोडल अधिकारियों से समन्वय करने के लिए एक नोडल अधिकारी वहां भी होंगे। प्रत्येक साइट और इओसी केंद्र पर प्रक्रिया के पर्यवेक्षण हेतु एक पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे।
