पशुचिकित्सा सेवाएं द्वारा लक्षण बताते हुए पशुपालकों हेतु जारी किये गए दिशा निर्देश
देश के विभिन्न राज्यों में लम्पी बीमारी की गंभीरता एवं भयावह प्रकोप को देखते हुए जिले के समस्त पशुपालकों को सावधान रहने की हिदायत दी जाती है। उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवाएं डॉ0 शिशिरकान्त पांडेय द्वारा बताया गया कि जिले के ग्राम भोंगापाल में लम्पी बीमारी का एक पॉजिटिव प्रकरण प्राप्त हुआ है एवं कोण्डागाँव के भगत सिंह वार्ड में पशुपालक के यहाँ एक पशु में लम्पी बीमारी के लक्षण पाए गए है। इस संबंध में विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है एवं प्रभावित क्षेत्र में आवागमन प्रतिबंधित कर सतर्कता बरतने हेतु निर्देश दिए गए है। प्रभारी पशुचिकित्सालय डॉ0 नीता मिश्रा द्वारा बताया गया कि बीमारी के शुरुवात में हाई फीवर के कारण पशु खाना बंद कर देता है, तत्पश्चात बीमार पशु के नाक से स्राव आने के साथ सांस लेने में तकलीफ होती है एवं पूरे शरीर मे गुठली जैसे नोड्यूल बनने लगते है, त्वरित इलाज न होने की स्थिति में यह गुठली सेकेंडरी जीवाणु से संक्रमित होकर फटने लगता है एवं गंभीर स्थिति मे अल्सर बनने से मैग्गोट संक्रमण से भयावह रूप दिखाई देता है। इस संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर विभाग द्वारा संदिग्ध पशु का त्वरित उपचार प्रारम्भ कर दिया गया है एवं सेम्पल संग्रहित कर जांच हेतु राज्य स्तरीय अन्वेषण शाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने तक 05 किमी की परिधि में रिंग टीकाकरण प्रारम्भ कर दिया गया है। विभाग द्वारा दिशा निर्देश देते हुए पशुपालकों को कहा हैं कि इस संबंध में यदि पशुपालकों को पशुओं में रोग होने का संदेह होता है तो बीमार पशु का स्वयं उपचार न करें एवं उक्त लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नज़दीकी पशुचिकित्सा संस्था को सूचित कर आवश्यक उपचार एवं दिशानिर्देश अनुसार ही कार्यवाही सुनिश्चित करें।
