राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत पशुधन विकास विभाग सूरजपुर द्वारा पशुओं में होने वाले संक्रामक रोग खुरपका-मुंहपका के विरूद्ध 07 नवम्बर 2022 से 21 दिसम्बर 2022 तक टीकाकरण कार्यक्रम एफ.एम.डी.-सी.पी. चलाया जा रहा है।
डॉ.नरेन्द्र सिंह, उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग सूरजपुर ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिला सूरजपुर को खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त बनाना है। पशुओं को मुंहपका खुरपका रोग से बचाव हेतु जिले में 115 टीकाकरण दल बनाया गया है। इनके द्वारा गौठानों एवं ग्रामों में जाकर खुरपका-मुंहपका रोग के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक एफ.एम.डी. टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में 4,52,363 पशुओं में टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण कार्य को सुचारू रूप से संचालन हेतु जिला स्तर पर डॉ. विशाल प्रसाद, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ को जिला नोड़ल अधिकारी एवं डॉ. आशुतोष चौबे, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ को सहायक नोड़ल अधिकारी तथा विकासखण्ड़ स्तर पर नोड़ल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
गौवंषीय एवं भैंसवंशीय पशुआंे को खुरपका मुंहपका रोग काफी प्रभावित करता है। ये काफी तेजी से फैलने वाली संक्रामक बिमारी है। संक्रमित पशु में अत्यधिक तेज बुखार, मुंह एवं खुर में छाले एवं भुख न लगना जैसे लक्षण दिखाई देते है। गंभीर रूप से संक्रमित पषु लंगडे भी हो सकते है जिस कारण वे कृषि कार्यो में उपयोग लायक नहीं रह जाते है। इस रोग से संक्रमित दुधारू पशु में दुग्ध उत्पादन में अचानक से गिरावट आ जाती है। अतः इस रोग के कारण पशुपालक को आर्थिक हानि एवं पशुधन की क्षति होती है जिससे कृषि कार्य भी बाधित हो जाता है। ऐसे में इस बीमारी के रोकथाम के लिए गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं का टीकाकरण बहुत महत्वपूर्ण है।
टीकाकरण अभियान को पूर्ण सफल बनाने हेतु जिले मे पशु चिकित्सक, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, पीएआईडब्ल्यू, गौसेवक, मैत्री व शिक्षित बेरोजगार युवकों एवं वेटनरी पॉलिटेक्निक के छात्रों को प्रशिक्षित कर कार्य पर लगाया गया है जो अपना कार्य सफलतापूर्वक कर रहे है। अतः जिले के सभी पशुपालकों से आग्रह किया जाता है कि सभी गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं में खुरहा-चपका का टीका लगवाकर जिले को एफ.एम.डी. रोग मुक्त बनाने का अभियान में सहयोग दें।
सूरजपुर: मवेशियों में होने वाले खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) के विरूद्ध सघन टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ 7नवम्बर से
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