रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं और नीतियों में सुधार करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।
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आबकारी नीति 2025-26 को मंजूरी:
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ की आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदन किया। इस नीति के तहत, मदिरा दुकानों की संख्या और मूल्य निर्धारण की व्यवस्था पहले की तरह रहेगी। विदेशी मदिरा के थोक क्रय और वितरण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही, फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त आबकारी शुल्क को समाप्त कर दिया जाएगा। -
लोक परिसर (बेदखली) विधेयक-2025 का अनुमोदन:
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया, जो राज्य में भूमि संबंधी मामलों को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। -
ई-प्रोक्योरमेंट समिति की समाप्ति:
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत, मंत्रिपरिषद ने ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। इससे संबंधित अनुमोदन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा, विशेषकर बड़ी आईटी परियोजनाओं के लिए। -
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सुधार:
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और समयबद्ध सुनवाई के लिए एक नए सदस्य पद की सृजन की मंजूरी दी। -
धान एवं चावल परिवहन दरों को मंजूरी:
खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान और चावल परिवहन की दरों को स्वीकृत करने के लिए राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा को मंजूरी दी गई। -
श्रम विधियों में संशोधन:
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से कारखाना अधिनियम, औद्योगिक विवाद अधिनियम और ट्रेड यूनियन अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। -
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 में संशोधन:
मंत्रिपरिषद ने रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी, जो राज्य में रजिस्ट्री संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाएगा। -
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को प्रभावी बनाने के लिए संशोधन:
राज्य में 01 नवम्बर 2024 से लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप को मंजूरी दी गई। -
आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के कल्याण के लिए एमओयू:
छत्तीसगढ़ सरकार और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के बीच आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के कल्याण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसे राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा लागू किया जाएगा।
इन निर्णयों से राज्य में विकास की गति तेज होगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
