रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीन की रजिस्ट्री के साथ स्वचालित नामांतरण (Auto Mutation) की व्यवस्था लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टकराम वर्मा को हृदय से धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया है।
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल समेत संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ में भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े भ्रष्टाचार और जटिलताओं को खत्म करने में एक क्रांतिकारी कदम है।
अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण होगा ऑटोमैटिक
कैट के नेताओं ने बताया कि सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के तहत अब तहसीलदारों से नामांतरण का अधिकार हटाकर इसे रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार को दे दिया गया है। इससे अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद जमीन स्वचालित रूप से खरीदार के नाम दर्ज हो जाएगी।
इससे:
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प्रक्रिया होगी पारदर्शी
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भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
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आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत
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भूमि विवादों में आएगी कमी
कैट ने कहा – यह व्यापारियों और नागरिकों के लिए वरदान समान
अमर पारवानी और जितेन्द्र दोशी ने इस फैसले को “व्यापारिक और नागरिक हित में ऐतिहासिक निर्णय” बताते हुए कहा कि इससे राज्य में निवेश और व्यापार को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि “राज्य सरकार ने जनता के हित में सच्चे अर्थों में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।”
कैट ने इस सराहनीय पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टकराम वर्मा को “कोटि-कोटि धन्यवाद” ज्ञापित किया और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी जन-हितैषी निर्णयों की ऐसी श्रृंखला जारी रहेगी।
