राजधानी दिल्ली में सोमवार को खासा राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कथित वोटर चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर INDIA गठबंधन ने संसद से लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय तक एक जोरदार मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत और सामाजिक कार्यकर्ता सागरिका घोष सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। ये सभी नेता SIR प्रक्रिया में धांधली और 2024 लोकसभा चुनावों में “वोटर फ्रॉड” के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
राहुल गांधी का तीखा हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मार्च के दौरान कहा:हकीकत यह है कि वे बोल नहीं सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान को बचाने की है। यह एक व्यक्ति, एक वोट की लड़ाई है। हम साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं।
प्रियंका गांधी: “सरकार डरी हुई है”
प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा डरे हुए हैं। सरकार कायर है। दिल्ली पुलिस विपक्षी आवाज़ों को दबाने का माध्यम बन चुकी ह
अखिलेश यादव का ‘एक्शन मोड’
दिल्ली पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड को लांघते नज़र आए। उनकी यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
वहीं सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा हमारे लोकतंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यूपी में हुए उपचुनावों में सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि बूथ कैप्चरिंग भी हुई थी। तब चुनाव आयोग ने क्या कार्रवाई की?
पृष्ठभूमि: SIR और विपक्ष के आरोप
गौरतलब है कि बिहार समेत कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर कई वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
